India AI Impact Summit 2026: दिल्ली में 16-20 फरवरी तक India AI Impact Summit 2026 का आयोजन! सुंदर पिचाई, बिल गेट्स जैसे दिग्गज होंगे शामिल। जानें कैसे $100 अरब का निवेश भारत को बनाएगा AI हब।
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| India AI Impact Summit 2026 |
Delhi AI Summit: भारत की राजधानी दिल्ली, इस हफ़्ते दुनिया की टेक्नोलॉजी राजधानी बनने जा रही है। 16 से 20 फरवरी 2026 तक यहाँ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन हो रहा है, जो न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के लिए एक ऐतिहासिक घटना है। यह समिट सिर्फ कुछ भाषणों और प्रेजेंटेशन्स का मंच नहीं है, बल्कि यह भारत को दुनिया का अगला 'एआई सुपरपावर' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस आयोजन में Google के सीईओ सुंदर पिचाई, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन और Microsoft के सह-संस्थापक बिल गेट्स जैसे दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज शामिल हो रहे हैं। उम्मीद है कि इस समिट के दौरान भारत में 70 से 100 अरब डॉलर (लगभग 8 लाख करोड़ रुपये) के भारी-भरकम निवेश की घोषणा हो सकती है।
क्यों खास है यह समिट? भारत रच रहा है इतिहास
यह पहली बार है जब किसी विकासशील देश में इतने बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित वैश्विक शिखर सम्मेलन हो रहा है। इससे पहले AI पर बड़े सम्मेलन विकसित देशों जैसे यूनाइटेड किंगडम (नवंबर 2023), दक्षिण कोरिया (मई 2024), और फ्रांस (फरवरी 2025) में हुए हैं। दिल्ली में हो रहा यह आयोजन इस बात का सबूत है कि AI की दुनिया में भारत अब केवल एक बाज़ार नहीं, बल्कि एक लीडर बनने की राह पर है। इसका मुख्य लक्ष्य देसी तकनीकों को बढ़ावा देना और बड़े निवेश को आकर्षित कर भारत को AI इनोवेशन और विकास का ग्लोबल हब बनाना है।
आंकड़ों का महासागर: समिट की भव्यता पर एक नजर
इस आयोजन का पैमाना कल्पना से भी बड़ा है। यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं जो इसकी विशालता को दर्शाती हैं:
पंजीकरण: अब तक लगभग 2.50 लाख लोग इस समिट के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
सत्र: पांच दिनों के दौरान कुल 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहाँ AI के हर पहलू पर चर्चा होगी।
लोगों की मौजूदगी: अनुमान है कि समिट स्थलों पर हर समय लगभग 2 लाख लोग मौजूद रहेंगे।
वैश्विक भागीदारी: इस समिट में 100 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधिमंडल और 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं, जिनमें 9 विकासशील देशों के नेता भी हैं।
कंपनियाँ और स्टार्टअप्स: 400 से अधिक कंपनियाँ अपने प्रदर्शनी बूथ लगाएंगी और 450 स्टार्टअप्स अपने नए आइडिया पेश करेंगे।
नेतृत्व: टेक्नोलॉजी और बिजनेस जगत के 100 से अधिक CXOs (चीफ एक्सपीरियंस ऑफिसर) और 45 मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इसका हिस्सा होंगे।
स्टार्टअप्स के लिए सुनहरा मौका: इंडियाएआई कंप्यूट और एआई कोश
यह समिट भारतीय स्टार्टअप्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार इस मंच का उपयोग दो बड़ी पहलों को लॉन्च करने के लिए कर रही है:
इंडियाएआई कंप्यूट पिलर: इस कार्यक्रम के तहत, भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को देश के 38,000 से अधिक शक्तिशाली जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) का पूल बहुत ही सस्ती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनियाँ मात्र 65 रुपये प्रति घंटे की सब्सिडी वाली दर पर इन जीपीयू का उपयोग कर सकेंगी, जिससे उन्हें महंगे हार्डवेयर पर खर्च किए बिना अपने AI मॉडल्स को ट्रेन करने में मदद मिलेगी।
एआई कोश (AI Kosh): यह एक राष्ट्रीय डेटा प्लेटफ़ॉर्म है। जो कंपनियाँ स्थानीय भारतीय भाषाओं और संदर्भों के लिए AI समाधान बनाना चाहती हैं, उन्हें इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशाल और प्रामाणिक डेटासेट तक पहुँच मिलेगी।
इसके अलावा, 500 स्टार्टअप्स अपने स्वदेशी AI समाधानों का प्रदर्शन करेंगे और लगभग 2.50 करोड़ रुपये के पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह भारत के युवा इनोवेटर्स को एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
दिल्ली की किलेबंदी: सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
इतने बड़े वैश्विक आयोजन के लिए दिल्ली को एक किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
पुलिस बल: दिल्ली पुलिस के 10,000 जवान और 5,000 यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
VVIP मूवमेंट: 19 और 20 फरवरी को 22 वीवीआईपी काफिलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
निगरानी: पूरी दिल्ली में 700 से अधिक कैमरों से निगरानी रखी जाएगी, जिसमें NDMC, दिल्ली पुलिस और PWD के कैमरे शामिल हैं।
स्वच्छता और पर्यावरण: NDMC ने 959 RFID-सक्षम कूड़ेदान, 12 मैकेनिकल रोड स्वीपर, 8 एंटी-स्मॉग गन और 20 एयर क्वालिटी सेंसर लगाए हैं। शहर को 15,000 सजावटी पौधों और 4,000 हैंगिंग बास्केट से सजाया गया है।
आधुनिक भारत की झलक: डिजिटल और सुविधाजनक व्यवस्था
यह आयोजन भारत की डिजिटल शक्ति का भी प्रदर्शन करेगा:
डिजिटल पेमेंट: विदेशी प्रतिनिधियों के लिए क्रेडिट कार्ड पर UPI की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे आसानी से भुगतान कर सकेंगे।
स्मार्ट एंट्री: कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह से डिजिटल होगा, जो QR कोड और डिजियात्रा ऐप के माध्यम से होगा।
ऑन-साइट सुविधा: स्विगी और जेप्टो जैसी कंपनियाँ सम्मेलन स्थल के भीतर डिलीवरी के लिए डार्क स्टोर्स स्थापित करेंगी।
पर्यावरण संरक्षण: इस सम्मेलन का लक्ष्य 'शून्य-अपशिष्ट' आयोजन है। इसके लिए आधुनिक रीसाइक्लिंग सेटअप का उपयोग किया जाएगा।
भारत में AI का बढ़ता क्रेज
यह समिट ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में AI को लेकर जबरदस्त उत्साह है। पिछले साल के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। भारत की 14% आबादी सक्रिय रूप से AI उपकरणों का उपयोग कर रही है। 86% भारतीय कंपनियाँ या तो AI का उपयोग कर रही हैं या इसे अपनाने की योजना बना रही हैं। AI-केंद्रित वेंचर कैपिटल निवेश में साल दर साल 26% की वृद्धि हुई है, जो 92.8 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। 2025 में दुनिया भर में हुए 3.8 अरब जेनरेटिव AI ऐप डाउनलोड में से 16% अकेले भारत में हुए।
एक नए युग की शुरुआत
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य का एक घोषणापत्र है। यह आयोजन न केवल देश में अरबों डॉलर का निवेश लाएगा, बल्कि भारत को AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और दुनिया का नेतृत्व करने का अवसर भी प्रदान करेगा। सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और बिल गेट्स जैसे दिग्गजों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि दुनिया भारत को AI की अगली महाशक्ति के रूप में देख रही है। यह समिट भारत के युवाओं, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

