HAL Share Price: तेजस क्रैश की खबर से निवेशकों में हड़कंप, HAL के शेयर 3% टूटे; वायुसेना ने पूरे बेड़े को किया ग्राउंड

MoneySutraHub Team

 HAL Share Price: HAL के शेयरों में 3% की बड़ी गिरावट! तेजस विमान हादसे की खबरों के बाद भारतीय वायुसेना ने पूरे बेड़े को ग्राउंड कर दिया है। जानें इस घटना का कंपनी और निवेशकों पर क्या असर होगा।

HAL Share Price

नई दिल्ली: शुक्रवार, 23 February का दिन देश की दिग्गज डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के निवेशकों के लिए काफी हलचल भरा रहा। कंपनी के शेयरों में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। HAL का शेयर 3% से ज्यादा टूटकर 4,037 रुपये के भाव पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह भारतीय वायुसेना (IAF) के 'तेजस' लड़ाकू विमान से जुड़ी एक बुरी खबर को माना जा रहा है।


क्या है पूरा मामला?


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना का एक ‘तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (LCA Tejas) हादसे का शिकार हो गया था। बताया जा रहा है कि यह घटना 7 February को एक एयरबेस पर हुई।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के वक्त विमान के ब्रेक फेल होने की आशंका है, जिसके चलते विमान रनवे से आगे निकल गया। गनीमत यह रही कि पायलट ने समझदारी दिखाते हुए समय रहते खुद को सुरक्षित इजेक्ट कर लिया, लेकिन विमान के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, भारतीय वायुसेना की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


तेजस का पूरा बेड़ा हुआ ‘ग्राउंड'


सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, इस घटना के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना ने सख्त कदम उठाया है। रिपोर्ट्स का कहना है कि IAF ने अपने करीब 30 सिंगल-सीटर तेजस विमानों के बेड़े को अस्थायी रूप से 'ग्राउंड' कर दिया है (उड़ान भरने से रोक दिया है)। फिलहाल इन सभी विमानों की बारीकी से तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।


आपको बता दें कि तेजस से जुड़ा यह तीसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले March 2024 में जैसलमेर के पास और उससे पहले दुबई एयरशो के दौरान भी तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।


डिलीवरी में देरी से बढ़ा दबाव


HAL के लिए यह खबर दोहरी मुसीबत लेकर आई है। कंपनी पहले से ही तेजस मार्क-1A (Tejas Mk-1A) जेट्स की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर दबाव झेल रही है।


बड़ा सौदा: रक्षा मंत्रालय ने February 2021 में HAL के साथ 48,000 करोड़ रुपये का एग्रीमेंट किया था, जिसमें 83 तेजस Mk-1A विमानों की सप्लाई होनी थी।


इंजन की कमी: डिलीवरी में देरी का मुख्य कारण अमेरिका की कंपनी GE Aerospace की तरफ से जेट इंजनों की सप्लाई में हो रही लेटलतीफी बताई जा रही है।


नया ऑर्डर: इसके बावजूद, सरकार ने HAL पर भरोसा जताते हुए पिछले साल September में 97 और विमानों के लिए 62,370 करोड़ रुपये का एक और बड़ा करार किया है।


क्या है तेजस की खासियत?


तेजस भारत में बना एक सिंगल-इंजन मल्टी-रोल फाइटर जेट है। इसे खतरनाक युद्ध स्थितियों, एयर डिफेंस और समुद्री निगरानी जैसे मिशन के लिए तैयार किया गया है। यह विमान भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' मुहिम का एक बहुत अहम हिस्सा है।


अब देखना होगा कि तकनीकी जांच के बाद यह बेड़ा कब तक वापस आसमान में उड़ान भरता है और HAL के शेयरों पर इसका असर कब तक बना रहता है।


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(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।)

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