Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 700 अंक धड़ाम, कच्चे तेल और वैश्विक तनाव ने बिगाड़ा खेल; जानें आज का पूरा हाल

VANDANADEVI PANDEY

Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23600 के करीब। मध्य पूर्व तनाव और 104 डॉलर के पार कच्चे तेल का असर। जानें आज का पूरा मार्केट अपडेट।


Stock Market Crash
Stock Market Today


नई दिल्ली, 12 मई: अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो आज का दिन आपके लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकता है। 12 मई का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव और भारी बिकवाली वाला साबित हो रहा है। सुबह से ही बाजार में एक अजीब सी घबराहट देखने को मिल रही है।


वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों और दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजों के दबाव ने आज दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) का मूड पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। एक तरफ जहां सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट हावी रही, वहीं दूसरी तरफ कुछ सरकारी तेल कंपनियों ने निवेशकों की झोली भरने का काम भी किया है। आइए, बिल्कुल सरल भाषा में समझते हैं कि आज बाजार में क्या हुआ, क्यों हुआ और आगे क्या होने वाला है।


बाजार के प्रमुख आंकड़े: सेंसेक्स और निफ्टी का हाल


सोमवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत ही काफी कमजोर रही। निवेशकों के मन में एक डर का माहौल साफ देखा जा सकता है। दिन के कारोबार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब सेंसेक्स में लगभग 700 अंकों का बड़ा भूचाल देखने को मिला और निफ्टी भी 23600 के अहम स्तर के बेहद करीब खिसक गया।


अगर हम ताज़ा आंकड़ों पर नज़र डालें, तो:


Nifty 50: सुबह के कारोबार में निफ्टी 50 इंडेक्स 106.60 अंक (यानी 0.45 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 23716.25 के स्तर पर संघर्ष करता हुआ दिखाई दिया।


Sensex: वहीं, बीएसई (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 400.35 अंक (यानी 0.53 प्रतिशत) टूटकर 75614.93 के स्तर पर पहुंच गया।


यह गिरावट साफ तौर पर इशारा कर रही है कि बड़े निवेशक (FIIs और DIIs) फिलहाल बाजार में पैसा लगाने से बच रहे हैं और 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की नीति अपना रहे हैं।


मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या चल रहा है?


अक्सर देखा जाता है कि जब बड़ी कंपनियों (Large Caps) के शेयरों में गिरावट आती है, तो छोटे शेयरों में भी भगदड़ मच जाती है। लेकिन आज ब्रॉडर मार्केट (Broader Market) का हाल थोड़ा अलग रहा। यहां न तो कोई बड़ी तेजी दिखी और न ही कोई भारी गिरावट।


निफ्टी मिडकैप इंडेक्स: इसमें महज़ 0.01 प्रतिशत की मामूली सी गिरावट दर्ज की गई।


निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स: यह इंडेक्स भी सिर्फ 0.02 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा।


इससे यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशक पूरी तरह से कंफ्यूज हैं। बाजार किस दिशा में जाएगा, इसे लेकर एक बड़ी अनिश्चितता (Uncertainty) का माहौल बना हुआ है।


आखिर क्यों गिरा बाजार?  


अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि अचानक ऐसा क्या हो गया कि कल तक दौड़ रहा बाजार आज धड़ाम से गिर गया? इसके पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं:


1. पश्चिम एशिया का तनाव और ट्रंप का बयान:


बाजार को सबसे तगड़ा झटका विदेशी खबरों ने दिया है। पश्चिम एशिया (Middle East) में लंबे समय से तनाव चल रहा है, लेकिन अब स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने पूरी दुनिया के शेयर बाजारों को हिला कर रख दिया है।


ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ जो एक महीने पुराना संघर्षविराम (Ceasefire) था, वह अब ‘गंभीर खतरे’ में पड़ गया है। इतना ही नहीं, उन्होंने ईरान की तरफ से दिए गए शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ (Unacceptable) बता दिया है। इस एक बयान ने निवेशकों के बीच युद्ध का डर पैदा कर दिया है। जब भी दुनिया में युद्ध के हालात बनते हैं, निवेशक अपना पैसा शेयर बाजार से निकालकर सुरक्षित जगहों (जैसे सोना) पर लगाने लगते हैं।


2. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग:


पश्चिम एशिया में तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल में भारी उछाल आया है। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) पर ब्रेंट क्रूड का मई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट 0.75 प्रतिशत की तेजी के साथ 104.99 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।


बाजार के जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) जो कि तेल सप्लाई का एक बहुत बड़ा रास्ता है, वहां आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में 104 डॉलर के पार कच्चा तेल जाना, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है।


ONGC और Oil India में 7% की तूफानी तेजी क्यों?


जहां एक तरफ पूरा बाजार लाल निशान में खून के आंसू रो रहा था, वहीं सरकारी तेल उत्पादक कंपनियों के शेयरों में दिवाली मन रही थी। ONGC और Oil India लिमिटेड के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की शानदार छलांग देखने को मिली।


ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो जमीन से तेल निकालने वाली इन कंपनियों (Exploration Companies) का मुनाफा सीधा बढ़ जाता है। महंगे कच्चे तेल का सीधा फायदा इनकी बैलेंस शीट को मिलता है।


आज आने वाले हैं इन दिग्गज कंपनियों के नतीजे (Q4 Results)


शेयर बाजार की इस उथल-पुथल के बीच आज कई बड़ी कंपनियां अपने चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2024) के वित्तीय नतीजे (Earnings) जारी करने वाली हैं। जब बाजार बंद होगा, तब इन कंपनियों का रिपोर्ट कार्ड सामने आएगा। इसलिए कल (मंगलवार) इन शेयरों में भारी एक्शन देखने को मिल सकता है।


जिन प्रमुख कंपनियों के नतीजे आज आने वाले हैं, उनकी लिस्ट इस प्रकार है:


  • Dr Reddy’s Laboratories
  • Tata Power Company
  • Berger Paints India
  • Dixon Technologies India
  • Max Financial Services
  • MTAR Technologies
  • Nazara Technologies
  • Pfizer
  • Torrent Power
  • V Guard Industries
  • Vinati Organics
  • Bharat Petroleum Corporation (BPCL)
  • SKF India
  • KPR Mill
  • Kalpataru
  • Novartis India
  • Religare Enterprises और अन्य।


विशेषज्ञों का कहना है कि फार्मा (Pharma), पावर (Power), टेक्नोलॉजी (Tech) और कंज्यूमर (Consumer) सेक्टर के ये नतीजे बाजार को एक नई दिशा देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगे।


प्राइमरी मार्केट (IPO) में भी है जबरदस्त हलचल


अगर आप सेकेंडरी मार्केट की गिरावट से डरकर नए शेयरों (IPO) में दांव लगाना चाहते हैं, तो आज प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। निवेशकों के लिए आज कई शानदार कंपनियों के आईपीओ खुले हुए हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं:


1. Goldline Pharmaceutical IPO:


फार्मा सेक्टर की इस कंपनी का आईपीओ आज से आम निवेशकों के लिए (सब्सक्रिप्शन के लिए) खुल गया है। यह 11.61 करोड़ रुपये का एक बुक बिल्ड इश्यू है। अगर आप इसमें पैसा लगाना चाहते हैं, तो आपके पास 15 मई तक का समय है। 15 मई को यह इश्यू बंद हो जाएगा।


2. RFBL Flexi Pack IPO:


RFBL फ्लेक्सी पैक कंपनी का 35.33 करोड़ रुपये का आईपीओ भी आज से खुल गया है। इस आईपीओ की खास बात यह है कि इसमें फ्रेश इश्यू (नए शेयर) और ऑफर फॉर सेल (OFS - पुराने प्रमोटर्स की हिस्सेदारी) दोनों शामिल हैं। इस आईपीओ में भी पैसा लगाने की आखिरी तारीख 15 मई ही तय की गई है।


3. Simca Advertising IPO:


सिमका एडवरटाइजिंग का आईपीओ आज अपने सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है। जो निवेशक अब तक इसमें पैसा नहीं लगा पाए हैं, उनके लिए आज आखिरी मौका है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यह इश्यू 0.65 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए बाजार से कुल 58.04 करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा लक्ष्य लेकर चल रही है।


निवेशकों के लिए क्या है सलाह?


आज का शेयर बाजार पूरी तरह से ग्लोबल खबरों के रहमोकरम पर है। जिस तरह से पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ रहे हैं और कच्चे तेल ने 104 डॉलर का आंकड़ा पार किया है, उसे देखते हुए निवेशकों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार में फिलहाल दिशा को लेकर जो अनिश्चितता (Uncertainty) है, उसमें बिना सोचे-समझे भारी निवेश करने से बचना चाहिए।


अगर आप एक आम निवेशक हैं, तो आपको कंपनियों के बुनियादी (Fundamental) आधार और आज आने वाले तिमाही नतीजों पर पैनी नज़र रखनी चाहिए। घबराहट में आकर अपने अच्छे शेयरों को सस्ते में बेचने की गलती (Panic Selling) न करें।


यह भी पढेंः- महंगाई का बड़ा झटका: कमजोर मानसून, कच्चे तेल की आग और युद्ध से कैसे बिगड़ेगा आपके घर का बजट?


डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top