SBI Strike Alert: 25 और 26 मई को देशभर में SBI का कामकाज रहेगा ठप! कर्मचारियों की 16 बड़ी मांगें, जानें आप पर क्या होगा असर

Keyur Raval

SBI Strike News: SBI के लाखों कर्मचारी 25 और 26 मई को 16 सूत्रीय मांगों को लेकर देशभर में हड़ताल पर रहेंगे। भर्ती में कमी, आउटसोर्सिंग और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर बैंक यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। पूरी खबर और मांगों की लिस्ट यहाँ पढ़ें।


SBI Strike May 2026
SBI Bank Strike News



नई दिल्ली, 7 मई: SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने 25 और 26 मई 2026 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारी कुल 16 मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें नई भर्ती, सशस्त्र गार्डों की नियुक्ति, आउटसोर्सिंग बंद करना और वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल है। फेडरेशन का आरोप है कि अधिकारियों को 22% जबकि कर्मचारियों को केवल 17% वेतन वृद्धि दी गई है। इस हड़ताल से बैंक की शाखाओं में कामकाज ठप हो सकता है और एटीएम सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। यदि इन तारीखों पर छुट्टी हुई तो हड़ताल 27 मई तक चलेगी। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग कार्य समय से पहले निपटा लें।


भारत के बैंकिंग सेक्टर से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आपका खाता देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर SBI के कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने आगामी 25 और 26 मई 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।


इस दो दिवसीय हड़ताल के कारण देशभर में SBI की शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। बैंक यूनियनों का कहना है कि वे पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के सामने गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के विरोध में अब लाखों कर्मचारी सड़कों पर उतरने को तैयार हैं।


हड़ताल की तारीख और संभावित बदलाव


यूनियन द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, हड़ताल 25 मई और 26 मई 2026 को होगी। हालांकि, फेडरेशन ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर इन तारीखों के दौरान कोई सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) आता है, तो हड़ताल को आगे बढ़ाते हुए 27 मई तक जारी रखा जाएगा। ऐसे में लगातार 3 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं बाधित रहने की संभावना है, जिससे आम जनता को कैश निकालने और चेक क्लियरिंग जैसे कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।


आखिर क्यों भड़के हैं SBI कर्मचारी?  


SBI स्टाफ फेडरेशन ने कुल 16 मांगों का एक चार्टर तैयार किया है। कर्मचारियों का सबसे बड़ा विरोध 'आउटसोर्सिंग' और 'नई भर्तियों की कमी' को लेकर है। आइए विस्तार से समझते हैं कि उनकी प्रमुख मांगें क्या हैं:


नई भर्ती की मांग: बैंक में लंबे समय से मेसेंजर्स और अधीनस्थ कर्मचारियों (Subordinate Staff) की भर्ती नहीं हुई है। यूनियन की मांग है कि इन पदों पर तुरंत नई नियुक्तियां की जाएं।


सुरक्षा का मुद्दा: हाल ही में गुजरात के सूरत में SBI की एक शाखा में लूट की घटना हुई थी। इस घटना का हवाला देते हुए यूनियन ने मांग की है कि सशस्त्र गार्डों (Armed Guards) के खाली पदों को तुरंत भरा जाए ताकि कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


आउटसोर्सिंग का विरोध: कर्मचारियों का आरोप है कि बैंक स्थाई नौकरियों को खत्म कर बाहरी एजेंसियों (Outsourcing) को काम दे रहा है। यह भविष्य में रोजगार की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।


वेतन में भेदभाव: यूनियन का कहना है कि वेतन वृद्धि में अधिकारियों और वर्कमैन (कर्मचारियों) के बीच बड़ा अंतर रखा गया है। जहां अधिकारियों को लगभग 22% की बढ़ोतरी मिली है, वहीं कर्मचारियों को महज 17% पर ही सीमित रखा गया है।


NPS और पेंशन विसंगतियां: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को अन्य सरकारी बैंकों की तरह 'पेंशन फंड मैनेजर' चुनने का विकल्प नहीं मिल रहा है। साथ ही नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए 'इंटर सर्कल ट्रांसफर' की सुविधा भी मांगी गई है।


काम का बढ़ता बोझ: पिछले 30 सालों से कई कैडर्स में नई भर्तियां बंद हैं, जिससे पुराने कर्मचारियों पर काम का दबाव असहनीय हो गया है।


मिस-सेलिंग पर रोक: अक्सर बैंक ग्राहकों को बीमा या अन्य उत्पाद बेचने का दबाव बनाते हैं। यूनियन का कहना है कि 'क्रॉस-सेलिंग' के नाम पर होने वाली इस 'मिस-सेलिंग' को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।


क्या होगा आम जनता पर असर?


SBI की पहुंच भारत के कोने-कोने में है। ऐसे में दो दिनों की हड़ताल का मतलब है करोड़ों ग्राहकों का परेशान होना।


शाखाओं में कामकाज: पासबुक अपडेट, कैश जमा, विड्रॉल और चेक डिपॉजिट जैसे काम पूरी तरह बंद रह सकते हैं।


ATM सेवाएं: अगर हड़ताल लंबी खींचती है, तो एटीएम में कैश की किल्लत हो सकती है।


डिजिटल बैंकिंग: हालांकि नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप चालू रहने की उम्मीद है, लेकिन अगर कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसका समाधान होने में देरी हो सकती है।


प्रबंधन और यूनियन के बीच तकरार


यूनियन लीडर्स का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, लेकिन इसका लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है जो जमीन पर दिन-रात मेहनत करते हैं। 'करियर प्रोग्रेशन स्कीम' की समीक्षा और मेडिकल सुविधाओं में सुधार जैसी मांगें भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी 16 मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे।


SBI की यह हड़ताल भारतीय बैंकिंग व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। यदि बैंक प्रबंधन और सरकार समय रहते यूनियन के साथ बातचीत कर बीच का रास्ता नहीं निकालते, तो मई के अंतिम सप्ताह में करोड़ों देशवासियों को वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।


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