PM Modi की बड़ी अपील: 1 साल तक न खरीदें सोना, क्या अब धड़ाम से गिरेंगे सोने के दाम? जानें पेट्रोल-डीजल पर भी क्या कहा

Keyur Raval

PM Modi speech: पीएम मोदी ने देशवासियों से 1 साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा टालने की अपील की है। जानिए क्या इस फैसले से गिरेंगे सोने के दाम और अर्थव्यवस्था को कैसे होगा फायदा।


Gold price drop, foreign exchange reserves
PM Modi speech


नई दिल्ली, 11 मई: दुनिया भर में चल रही आर्थिक उथल-पुथल और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशवासियों से एक बेहद खास और भावुक अपील की है। हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कुछ ऐसा कहा है, जो सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब से जुड़ा है। उन्होंने देश के मध्यम वर्ग और अमीर परिवारों से अपील की है कि वे अगले 1 साल तक सोने (Gold) की खरीद पर रोक लगा दें। साथ ही, विदेश यात्राओं को टालकर देश के भीतर ही छुट्टियां बिताने का आग्रह किया है।


पीएम मोदी की इस बड़ी अपील के बाद अब बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में सोने के दाम (Gold Prices) में भारी गिरावट देखने को मिलेगी? इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बचत को लेकर भी कई अहम बातें कही हैं। आइए आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि पीएम मोदी ने क्या कहा है और इसका आपकी जिंदगी तथा देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ने वाला है।


सोने की खरीद पर 1 साल का ‘ब्रेक' क्यों?


प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में सबसे ज्यादा जोर देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को बचाने पर दिया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा सिर्फ सीमाओं पर खड़े होकर ही नहीं की जाती, बल्कि देश का पैसा बचाकर भी की जा सकती है।


उन्होंने कहा, "सोने की खरीद एक ऐसा पहलू है, जिसमें हमारे देश की विदेशी मुद्रा बहुत अधिक खर्च होती है।" पीएम मोदी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि एक जमाना था जब देश पर कोई संकट आता था या युद्ध होता था, तो लोग अपना सोना दान कर देते थे। लेकिन आज सोना दान करने की जरूरत नहीं है। आज बस यह तय करने की जरूरत है कि हम देश हित में कम से कम 1 साल तक शादी-ब्याह, समारोह या किसी भी कार्यक्रम के लिए सोने के गहने नहीं खरीदेंगे।


उन्होंने जनता से सीधे जुड़ते हुए कहा, "हमें यह चुनौती स्वीकार करनी होगी। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें ललकार रही है। हम सोना नहीं खरीदेंगे।"


क्या सच में गिर जाएंगे सोने के दाम?


अब सबसे बड़ा सवाल जो हर किसी के मन में है, वह यह है कि क्या पीएम मोदी के इस बयान के बाद सोने के भाव गिरेंगे? आर्थिक जानकारों की मानें तो भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा आयातक (Importer) है। हम अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना विदेशों से डॉलर देकर खरीदते हैं।


अगर देश की एक बड़ी आबादी प्रधानमंत्री की इस अपील को मान लेती है और 1 साल तक सोने की डिमांड कम हो जाती है, तो इसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा। अर्थशास्त्र का सीधा नियम है जब किसी चीज की मांग (Demand) घटती है, तो उसकी कीमत (Price) भी नीचे आने लगती है। ऐसे में पूरी संभावना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।


विदेश यात्रा टालें, अपने देश को जानें


पीएम मोदी ने सिर्फ सोने पर ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने विदेश यात्राओं को लेकर भी एक बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि यह एक संकट का समय है। ऐसे में हमें 1 साल के लिए विदेशों में छुट्टियां मनाने जाने का प्लान टाल देना चाहिए।


उन्होंने कहा, "भारत में बहुत सारी खूबसूरत जगहें हैं, जहां हम घूमने जा सकते हैं। विदेशी मुद्रा बचाने का जो भी रास्ता हम अपना सकते हैं, हमें वह अपनाना होगा।"


जब आप विदेश घूमने जाते हैं, तो वहां आप डॉलर या विदेशी मुद्रा में खर्च करते हैं। इससे भारत का पैसा बाहर जाता है। इसके बजाय, अगर आप भारत के अंदर ही (जैसे कश्मीर, केरल, राजस्थान या गोवा) घूमने जाते हैं, तो आपका पैसा देश में ही रहता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।


पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस बचाने का मंत्र


विदेशी मुद्रा खर्च होने का एक और सबसे बड़ा कारण पेट्रोल और डीजल है। भारत अपना 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। पीएम मोदी ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की खपत कम करने का भी आग्रह किया।


पीएम मोदी ने दिए ये खास सुझाव:


पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग: जहां भी संभव हो, मेट्रो और बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।


कार-पूलिंग: अगर ऑफिस जाना जरूरी है और अपनी कार ले जा रहे हैं, तो सहयोगियों के साथ कार-पूलिंग (Car-pooling) करें। इससे तेल बचेगा।


रेलवे का इस्तेमाल: सामान (माल ढुलाई) भेजने के लिए ट्रकों के बजाय रेलवे परिवहन को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह सस्ता और ईंधन बचाने वाला विकल्प है।


इलेक्ट्रिक वाहन (EV): जहां तक हो सके, पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।


आर्थिक देशभक्ति: सीमा पर जाए बिना देश की सेवा


प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में एक बहुत ही गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ देश के लिए अपनी जान कुर्बान करना ही नहीं है। कठिन समय में एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जीवन जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना भी सच्ची देशभक्ति है।


जब एक आम नागरिक 1 लीटर पेट्रोल बचाता है, या विदेश जाने की जगह देश में घूमता है, या कुछ समय के लिए सोना नहीं खरीदता है, तो वह जाने-अनजाने में देश के करोड़ों रुपये बचा रहा होता है। यही पैसा बाद में देश के विकास, सड़कों, अस्पतालों और स्कूलों को बनाने में काम आता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह अपील दिखाती है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक हालात कितने संवेदनशील हैं। 1 साल तक सोना न खरीदना, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना और ईंधन की बचत करना ये कदम देखने में छोटे लग सकते हैं, लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाले देश में अगर कुछ प्रतिशत लोग भी इस पर अमल करते हैं, तो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अरबों डॉलर की बचत हो सकती है। अब देखना यह होगा कि देश की जनता पीएम मोदी की इस 'आर्थिक देशभक्ति' की अपील को कितनी गंभीरता से लेती है और आने वाले दिनों में सराफा बाजार (Gold Market) में इसका क्या असर देखने को मिलता है।


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