MIC Electronics share price: शेयर बाजार की भारी गिरावट के बीच MIC Electronics के शेयर 10% उछले। रेलवे के 'IPIS v2.0' प्रोजेक्ट की खबर से इस मल्टीबैगर स्टॉक में बंपर खरीदारी हुई है।
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| MIC Electronics share price |
नई दिल्ली, 8 मई: शेयर बाजार (Share Market) हमेशा अनिश्चितताओं से भरा होता है। जब बाजार में गिरावट का दौर आता है, तो अच्छे-अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों की भी हवा निकल जाती है। आज भारतीय शेयर बाजार का कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव रहा और लाल निशान ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं।
दिन के कारोबार के दौरान बेंचमार्क इंडेक्स बुरी तरह लड़खड़ा गया और इसमें 650 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बाजार की दिशा तय करने वाले निफ्टी 50 (Nifty 50) इंडेक्स ने भी निवेशकों को निराश किया और इसमें 150 अंकों से ज्यादा का गोता देखने को मिला। जब चारों तरफ निवेशक अपना पैसा बचाकर बाजार से निकलने की कोशिश कर रहे थे, ठीक उसी समय एक छोटी सी कंपनी (Smallcap Company) के शेयरों ने बाजार में तहलका मचा दिया।
हम बात कर रहे हैं एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स (MIC Electronics) की। यह एक ऐसा शेयर है जिसकी कीमत 100 रुपये से भी कम है, लेकिन आज के गिरते बाजार में यह शेयर रॉकेट की रफ्तार से भागा। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर इस शेयर में ऐसा क्या हुआ कि निवेशक इसे खरीदने के लिए टूट पड़े।
MIC Electronics: गिरावट के दौर में भी बंपर उछाल
जब पूरी मार्केट लाल रंग में रंगी थी, तब MIC Electronics का शेयर हरे निशान में शान से ट्रेड कर रहा था। शुक्रवार के कारोबारी दिन में इस स्मॉलकैप कंपनी के शेयरों में 10% की जोरदार छलांग देखने को मिली।
अगर हम इसके पिछले बंद भाव की बात करें, तो गुरुवार को इस कंपनी के शेयर 52.50 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। आज जब बाजार खुला, तो इसमें शुरुआत से ही एक मजबूत तेजी का रुझान दिखा। देखते ही देखते इस शेयर ने इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 57.60 रुपये का हाई हिट कर दिया। 100 रुपये से सस्ते इस शेयर में इतनी भयंकर खरीदारी देखकर बड़े-बड़े मार्केट एक्सपर्ट भी हैरान रह गए।
अचानक क्यों आया शेयर में इतना बड़ा भूचाल?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर शेयर बाजार में इस कदर मचे हाहाकार के बीच MIC Electronics के शेयरों में इतनी तगड़ी खरीदारी क्यों हुई? शेयर बाजार में बिना किसी बड़ी खबर के ऐसा मूवमेंट बहुत कम देखने को मिलता है।
इस भारी तेजी के पीछे की मुख्य वजह कंपनी की तरफ से शेयर बाजार को दिया गया एक बेहद शानदार और सकारात्मक अपडेट है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि उसे भारतीय रेलवे (Indian Railways) से जुड़े एक बड़े प्रोजेक्ट में भारी सफलता मिली है।
कंपनी ने बताया है कि उसने भारतीय रेलवे के लिए ‘IPIS v2.0' (Integrated Passenger Information System) के डेवलपमेंट पर अपना काम काफी तेज कर दिया है। यह रेलवे का एक बेहद महत्वपूर्ण सिस्टम है जो यात्रियों को स्टेशनों पर ट्रेन की आवाजाही, समय और प्लेटफॉर्म की सटीक जानकारी देता है।
कंपनी मैनेजमेंट के मुताबिक, इस नए और एडवांस प्रोजेक्ट का पूरा आर्किटेक्चर (ढांचा) सफलतापूर्वक तैयार कर लिया गया है। इस समय कंपनी की हार्डवेयर टीम से लेकर सॉफ्टवेयर टीम तक, सभी लोग दिन-रात एक करके इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने में जुटे हुए हैं। जैसे ही यह खबर बाजार में फैली, निवेशकों को लगा कि कंपनी को आने वाले समय में रेलवे से और भी बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं, और बस फिर क्या था, शेयर खरीदने की होड़ मच गई।
1 करोड़ शेयरों की हुई बंपर खरीद-बिक्री: क्या कहते हैं आंकड़े?
शेयर बाजार में किसी भी शेयर की असली ताकत उसके ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) से मापी जाती है। वॉल्यूम यह बताता है कि किसी शेयर में लोगों की कितनी दिलचस्पी है। आज MIC Electronics के शेयरों में जो ट्रेडिंग हुई, उसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।
आज के ट्रेडिंग सेशन में इस शेयर में लगभग 1 करोड़ शेयरों की खरीद-बिक्री (Trade) हुई। यह कोई छोटा-मोटा आंकड़ा नहीं है। अगर हम इस स्टॉक के पिछले 1 हफ्ते के एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम पर नजर डालें, तो वह केवल 46 लाख शेयर था। वहीं, अगर हम पिछले 1 महीने के एवरेज वॉल्यूम की बात करें, तो यह आंकड़ा महज 23 लाख शेयरों का था।
इसका सीधा मतलब यह है कि आज इस शेयर में आम दिनों के मुकाबले 3 से 4 गुना ज्यादा ट्रेडिंग हुई है। जब किसी शेयर में अचानक इतनी भारी मात्रा में वॉल्यूम बढ़ता है और साथ ही शेयर की कीमत भी बढ़ती है, तो तकनीकी भाषा में इसे एक बेहद मजबूत 'बुलिश संकेत' माना जाता है। इससे यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि शायद बड़े निवेशकों (HNI) या संस्थागत निवेशकों ने इस शेयर में अपनी पोजीशन बनाई है।
निवेशकों को किया मालामाल: 5 साल में 3 गुना कर दिया पैसा
किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले उसका पुराना रिकॉर्ड देखना बहुत जरूरी होता है। अगर हम MIC Electronics के रिटर्न की हिस्ट्री (Return History) देखें, तो यह शेयर अपने निवेशकों के लिए एक सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हुआ है।
शॉर्ट टर्म हो या लॉन्ग टर्म, इस शेयर ने हर मोर्चे पर निवेशकों की झोली भरी है:
1 महीने का रिटर्न: पिछले केवल एक महीने में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 45% का शानदार और छप्परफाड़ रिटर्न दिया है।
इस साल का रिटर्न: साल 2024 की शुरुआत से लेकर अब तक इस शेयर में 25% से ज्यादा की बढ़त आ चुकी है।
6 महीने का प्रदर्शन: पिछले 6 महीने में बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों को इसमें 10% से ज्यादा का मुनाफा हुआ है।
1 साल का रिटर्न: हालांकि पिछले 1 साल के चार्ट पर देखें तो शेयर ने थोड़ा सुस्त प्रदर्शन किया था और करीब 2% का ही उछाल दिखाया था, लेकिन अब यह वापस अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ चुका है।
लॉन्ग टर्म के निवेशकों की लगी लॉटरी
शेयर बाजार के दिग्गज हमेशा कहते हैं कि पैसा लंबे समय में बनता है। MIC Electronics के केस में भी यह बात बिल्कुल सच साबित हुई है। लॉन्ग टर्म (Long Term) में यह स्टॉक एक असली 'मल्टीबैगर' (Multibagger) बनकर उभरा है।
जिन निवेशकों ने आज से 5 साल पहले इस कंपनी पर भरोसा जताया था और अपने शेयर बेचे नहीं थे, आज वे मालामाल हो चुके हैं। पिछले 5 साल के दौरान इस शेयर ने 200% से ज्यादा की तूफानी बढ़त हासिल की है। आसान भाषा में समझें तो, अगर किसी ने 5 साल पहले इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए थे, तो आज उसकी कीमत 3 लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी है। यानी निवेशकों का पैसा 3 गुना हो गया है।
रेलवे स्टॉक्स का बढ़ता क्रेज और भविष्य की राह
बीते कुछ सालों से भारतीय शेयर बाजार में रेलवे स्टॉक्स (Railway Stocks) का एक अलग ही जलवा देखने को मिल रहा है। सरकार का पूरा फोकस रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने और उसे आधुनिक बनाने पर है। स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है और नई-नई तकनीकें अपनाई जा रही हैं।
चूंकि MIC Electronics भी सीधे तौर पर रेलवे को अपनी सेवाएं (विशेष रूप से पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और एलईडी डिस्प्ले) दे रही है, इसलिए सरकारी खर्च का सीधा फायदा इस कंपनी को मिल रहा है। जिस तरह से कंपनी 'IPIS v2.0' पर तेजी से काम कर रही है, उससे साफ है कि मैनेजमेंट कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट को बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
100 रुपये से कम कीमत वाले (Stocks under 100) शेयरों में रिस्क तो होता है, लेकिन जब कोई कंपनी MIC Electronics की तरह लगातार बड़े ऑर्डर पूरे कर रही हो और अपने प्रोजेक्ट्स के सकारात्मक अपडेट दे रही हो, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ना लाजमी है। आज की भारी गिरावट में भी इस शेयर का 10% भागना और 1 करोड़ का वॉल्यूम जनरेट करना, इस बात का सबूत है कि बाजार को इस कंपनी के भविष्य पर पूरा भरोसा है।
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें। यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है।)

