Lakshmi Mittal Rajasthan Royals: IPL इतिहास का सबसे बड़ा सौदा! दिग्गज कारोबारी लक्ष्मी मित्तल ने 15,660 करोड़ में राजस्थान रॉयल्स की 75% हिस्सेदारी खरीद ली है। इस डील में सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला और मनोज बडाले भी शामिल हैं। जानिए कैसे अमेरिका के बड़े बिजनेसमैन को पीछे छोड़कर मित्तल ने अपनी घरेलू टीम पर कब्जा जमाया और अब टीम के भविष्य के लिए उनके क्या प्लान हैं। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
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| Lakshmi Mittal Rajasthan Royals |
नई दिल्ली, 4 मईः इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे क्रिकेट और बिजनेस जगत को हिला कर रख दिया है। दुनिया के सबसे रईस और शक्तिशाली उद्योगपतियों में शुमार लक्ष्मी मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स (RR) को खरीद लिया है। यह सौदा कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि पूरे 15,660 करोड़ रुपये (1.65 बिलियन डॉलर) में हुआ है।
ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के 'स्टील किंग' लक्ष्मी मित्तल अब राजस्थान के इन 'रजवाड़ों' के नए और मुख्य मालिक बन गए हैं। इस खबर ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि टीम किसी अमेरिकी कंपनी के पास जा सकती है।
किसे मिली कितनी हिस्सेदारी?
इस डील के बाद राजस्थान रॉयल्स का ओनरशिप स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल गया है। लक्ष्मी मित्तल अब टीम के 'लीड ओनर' होंगे। डील की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- लक्ष्मी मित्तल: 75% हिस्सेदारी (कंट्रोलिंग पावर)।
- अदार पूनावाला (SII): 18% हिस्सेदारी।
- मनोज बडाले: 7% हिस्सेदारी।
हैरानी की बात यह है कि मनोज बडाले, जो अब तक टीम के मुख्य चेहरे और लीड ओनर थे, अब केवल 7% के छोटे हिस्सेदार रह गए हैं। हालांकि, वे टीम के साथ एक 'पुल' (Bridge) के रूप में जुड़े रहेंगे ताकि उनका पुराना अनुभव टीम के काम आ सके।
अदार पूनावाला और मित्तल का पावरफुल गठबंधन
इस मेगा डील में सिर्फ लक्ष्मी मित्तल ही नहीं, बल्कि एक और बड़ा नाम शामिल है अदार पूनावाला। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला ने इस कंसोर्टियम में 18% की हिस्सेदारी ली है। मित्तल और पूनावाला का साथ आना राजस्थान रॉयल्स को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी ब्रांड वैल्यू को भी कई गुना बढ़ा देगा।
क्यों चौंकाने वाला है यह फैसला?
यह घोषणा क्रिकेट जगत के लिए इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि कुछ समय पहले तक चर्चा थी कि अमेरिका का एक बड़ा कंसोर्टियम राजस्थान रॉयल्स को खरीदने वाला है। काल सोमानी के नेतृत्व वाले इस ग्रुप में दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल चेन 'वॉलमार्ट' (रॉब वॉल्टन) और मशहूर 'फोर्ड' परिवार (हैम्प फोर्ड) जैसे बड़े नाम शामिल थे। माना जा रहा था कि 2008 की पहली चैंपियन टीम अब अमेरिकी हाथों में जाएगी, लेकिन लक्ष्मी मित्तल ने अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए इस रेस में सबको पीछे छोड़ दिया।
कौन हैं लक्ष्मी मित्तल? राजस्थान से लंदन तक का सफर
लक्ष्मी मित्तल का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। राजस्थान के एक साधारण मारवाड़ी परिवार में जन्मे मित्तल ने दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है। उन्होंने 'आर्सेलर मित्तल' (ArcelorMittal) के जरिए दुनिया का सबसे बड़ा स्टील साम्राज्य खड़ा किया।
साल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये (20 बिलियन डॉलर) से ज्यादा है। राजस्थान से निकलकर सात समंदर पार अपना नाम बनाने वाले मित्तल का वापस अपनी मिट्टी की टीम को खरीदना एक भावुक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी का जलवा और टीम की स्थिति
क्रिकेट के मैदान की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स अभी अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रही है। IPL 2026 के सीजन में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। खासकर 15 साल के 'टीनएज सेंसेशन' वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से सबको अपना मुरीद बना लिया है। वैभव के लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम प्ले-ऑफ की रेस में सबसे आगे खड़ी है। ऐसे समय में टीम का मालिकाना हक बदलना खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ा सकता है।
सौदा क्यों है खास?
भारी-भरकम कीमत: 15,660 करोड़ रुपये का यह सौदा IPL की किसी भी टीम के लिए अब तक के सबसे बड़े वैल्युएशन में से एक है।
अनुभव और जोश का मेल: लक्ष्मी मित्तल का बिजनेस माइंड, अदार पूनावाला का नया विजन और मनोज बडाले का क्रिकेट अनुभव—यह तिकड़ी टीम को ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
राजस्थानी कनेक्शन: टीम के मालिक का राजस्थानी मूल का होना फैंस के बीच एक अलग उत्साह पैदा कर रहा है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह बदलाव सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। लक्ष्मी मित्तल जैसे दिग्गज का जुड़ना यह बताता है कि IPL अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा बिजनेस हब बन चुका है। अब देखना यह होगा कि लक्ष्मी मित्तल के मार्गदर्शन में 'हल्ला बोल' करने वाली यह टीम आने वाले सालों में कितने और खिताब अपने नाम करती है।

