Top 3 Biggest IPO India:भारत के 3 सबसे बड़े IPO Hyundai, LIC और Paytm ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। बड़े ब्रांड होने के बावजूद ये शेयर अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। जानिए इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों का पूरा लेखा-जोखा, उनकी गिरावट की कहानी और निवेशकों के मौजूदा हालात। क्या आपको इन शेयरों को बेचना चाहिए या बने रहना चाहिए? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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| Top 3 Biggest IPO India |
मुंबई, 26 अप्रैलः भारतीय शेयर बाजार में हुंडई, एलआईसी और पेटीएम जैसे बड़े नामों ने सबसे बड़े आईपीओ पेश किए, लेकिन ये निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। हुंडई के आईपीओ निवेशक फिलहाल 8.95% के घाटे में हैं, जबकि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के निवेशकों को 14.53% का नुकसान झेलना पड़ रहा है। सबसे खराब स्थिति पेटीएम की है, जिसके शेयर ने लिस्टिंग के बाद से कभी अपना इश्यू प्राइस नहीं छुआ और निवेशक आज भी 46.65% के भारी घाटे में हैं। यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे बड़े ब्रांड्स के वैल्युएशन ने रिटेल निवेशकों को संकट में डाल दिया है। बाजार के इन दिग्गजों का सफर ऊंच-नीच से भरा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि केवल नाम के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
भारतीय शेयर बाजार में जब भी कोई बड़ा आईपीओ (IPO) आता है, तो निवेशकों के बीच उसे लेकर एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। लोग सोचते हैं कि बड़ी कंपनी है, बड़ा नाम है, तो मुनाफा भी बड़ा ही होगा। लेकिन पिछले कुछ सालों का अनुभव बताता है कि 'बड़े नाम' हमेशा 'बड़ी कमाई' की गारंटी नहीं होते।
आज हम बात कर रहे हैं देश के उन 3 सबसे बड़े आईपीओ की, जिन्होंने बाजार से तो हजारों करोड़ रुपये जुटाए, लेकिन निवेशकों की झोली खाली रखी। हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India), एलआईसी (LIC) और पेटीएम (Paytm) ये वो तीन दिग्गज नाम हैं जिनके आईपीओ ने निवेशकों को खुश होने का ज्यादा मौका नहीं दिया। आइए जानते हैं इन तीनों की पूरी कहानी और आंकड़ों का गणित।
1. हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India): उम्मीदों की रफ्तार पर ब्रेक
भारत के सबसे बड़े आईपीओ का खिताब रखने वाली ऑटो दिग्गज हुंडई मोटर इंडिया की लिस्टिंग ने बाजार के जानकारों को चौंका दिया। कंपनी ने 27,859 करोड़ रुपये का विशालकाय आईपीओ पेश किया था।
इश्यू प्राइस और लिस्टिंग: निवेशकों को हुंडई के शेयर 1960 रुपये के भाव पर अलॉट हुए थे। लेकिन 22 अक्टूबर 2024 को जब इसकी एंट्री बाजार में हुई, तो यह 1% से ज्यादा के डिस्काउंट के साथ 1931 रुपये पर लिस्ट हुआ।
उतार-चढ़ाव का सफर: लिस्टिंग के बाद शेयर में काफी उठापटक देखी गई। 7 अप्रैल 2025 को यह शेयर गिरकर 1,542.95 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद रिकवरी भी आई और 22 सितंबर 2025 को यह 2,889.65 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई पर जा पहुंचा। उस वक्त आईपीओ निवेशकों को करीब 47.43% का शानदार मुनाफा हो रहा था।
मौजूदा स्थिति: लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। शुक्रवार 24 अप्रैल को बीएसई (BSE) पर हुंडई का शेयर 3.24% की गिरावट के साथ 1784.55 रुपये पर बंद हुआ। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने आईपीओ में पैसा लगाया था, वे आज भी 8.95% के घाटे में बैठे हैं।
2. एलआईसी (LIC): सरकारी दिग्गज ने भी किया निराश
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी का आईपीओ जब आया था, तो उसे 'देश का आईपीओ' कहा गया था। 20,557 करोड़ रुपये का यह इश्यू उस समय का सबसे बड़ा आईपीओ था।
लिस्टिंग का झटका: एलआईसी के शेयर का इश्यू प्राइस 949 रुपये तय किया गया था। निवेशकों को उम्मीद थी कि लिस्टिंग पर तगड़ा मुनाफा होगा, लेकिन 17 मई 2022 को यह 867.20 रुपये पर लिस्ट हुआ। यानी पहले ही दिन निवेशकों को 8.62% का लॉस हुआ।
रिकॉर्ड गिरावट और रिकवरी: समय के साथ निवेशकों का दर्द बढ़ता गया और 29 मार्च 2023 तक शेयर टूटकर 530.20 रुपये पर आ गया। इस स्तर पर आईपीओ निवेशक 44.13% के भारी घाटे में थे। हालांकि, बाद में शेयर ने जोर पकड़ा और 1 अगस्त 2022 को 1,221.50 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा, जहां निवेशकों को 28.71% का मुनाफा दिखा।
मौजूदा स्थिति: रिकवरी के बाद शेयर फिर से सुस्त पड़ गया है। 24 अप्रैल को यह 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 811.10 रुपये पर बंद हुआ। आज भी आईपीओ निवेशक 14.53% के नुकसान में हैं।
3. पेटीएम (Paytm): निवेशकों के लिए कभी न खत्म होने वाला दर्द
पेटीएम का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक सबक की तरह याद किया जाएगा। 18,300 करोड़ रुपये के इस आईपीओ ने डिजिटल इंडिया के दौर में बड़ी उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन नतीजों ने सबको मायूस कर दिया।
लिस्टिंग से ही मुसीबत: पेटीएम का इश्यू प्राइस 2150 रुपये था। 18 नवंबर 2021 को जब यह शेयर 1955 रुपये पर लिस्ट हुआ, तो निवेशकों को 9.07% का झटका लगा।
कभी नहीं छुआ इश्यू प्राइस: पेटीएम की सबसे दुखद बात यह है कि पिछले 5 सालों में (लिस्टिंग से अब तक) इसके शेयर ने कभी भी अपने इश्यू प्राइस यानी 2150 रुपये को दोबारा नहीं छुआ। इसका ऑल-टाइम हाई भी सिर्फ 1875 रुपये रहा, जो लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 25 नवंबर 2021 को बना था।
भारी गिरावट: 9 मई 2024 को पेटीएम का शेयर अपने सबसे खराब दौर में पहुंच गया और महज 310 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गिरा। इस वक्त निवेशक 85.58% की पूंजी गंवा चुके थे।
मौजूदा स्थिति: हालांकि हाल ही में कुछ रिकवरी हुई है और शुक्रवार को यह 1147.10 रुपये पर बंद हुआ, लेकिन आईपीओ निवेशक अब भी 46.65% के भारी-भरकम घाटे में हैं।
क्या सीख मिलती है इन बड़े IPO से?
इन तीनों बड़े आईपीओ की कहानी हमें सिखाती है कि कंपनी का नाम बड़ा होने का मतलब यह नहीं है कि उसका स्टॉक भी हमेशा ऊपर जाएगा। वैल्युएशन (Valuation) और बाजार की सेंटिमेंट किसी भी शेयर की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
Hyundai और LIC ने कम से कम अपने निवेशकों को मुनाफे का चेहरा दिखाया (भले ही वह अस्थाई था), लेकिन Paytm ने तो निवेशकों की पूंजी को आधे से भी कम कर दिया।
निवेशकों के लिए सलाह यही है कि किसी भी आईपीओ में सिर्फ 'ब्रांड' देखकर पैसा न लगाएं, बल्कि कंपनी के बिजनेस मॉडल, प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्युएशन की गहराई से जांच करें।
अगर आपके पास भी इनमें से कोई शेयर है, तो आपको अपनी निवेश रणनीति पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। क्या आप लंबे समय के लिए बने रहना चाहते हैं या घाटा बुक करके बाहर निकलना चाहते हैं, यह फैसला आपके वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।
