Nifty में 7% की शानदार रिकवरी: क्या खत्म हुआ शेयर बाजार का बुरा दौर? एक्सपर्ट ने बताया किन 2 सेक्टर्स में बनेगा पैसा और किससे रहें दूर!

MoneySutraHub Team

Stock Market Outlook: Nifty और Sensex में 7% की तेजी के बाद क्या अब निवेश का सही समय है? जानें दिग्गज एक्सपर्ट एन जयकुमार की राय, क्यों वे टेक सेक्टर से बचने और फार्मा-मेटल्स पर दांव लगाने की सलाह दे रहे हैं। शेयर बाजार की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट।


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Stock Market Outlook



नई दिल्ली, 12 अप्रैलः भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। लेकिन अप्रैल के महीने में निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान वापस लौटी है। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में इस महीने 7-7% से भी ज्यादा की जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली है। बाजार की इस चाल ने निवेशकों का भरोसा फिर से जगाया है।


हालांकि, सवाल यह है कि क्या बाजार का सबसे खराब दौर वाकई बीत चुका है? क्या अब यहाँ से निफ्टी नए रिकॉर्ड बनाएगा? प्राइम सिक्योरिटीज (Prime Securities) के ग्रुप सीईओ और एमडी, एन जयकुमार (N Jayakumar) का मानना है कि रिकवरी तो अच्छी है, लेकिन अब अंधाधुंध तेजी की उम्मीद करना थोड़ा जल्दबाजी होगी। उनके मुताबिक, अब बाजार में पैसा बनाने के लिए ‘इंडेक्स' नहीं बल्कि 'स्टॉक्स' चुनने की कला काम आएगी।


बाजार में रिकवरी के पीछे क्या है वजह?


मार्केट में आई इस अचानक तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। जयकुमार के अनुसार, ईरान और अमेरिका (Iran-US War) के बीच बढ़ते तनाव में नरमी आने और सीजफायर की चर्चाओं ने बाजार को बड़ी राहत दी है। वैश्विक तनाव के कम होने से निवेशकों का डर कम हुआ है और उन्होंने फिर से खरीदारी शुरू की है। इसके अलावा, सीजनल फैक्टर्स यानी मौसम और समय के साथ होने वाले आर्थिक बदलावों ने भी बाजार को सपोर्ट किया है।


लेकिन जयकुमार ने यह भी साफ किया कि यह तेजी भले ही अस्थायी न हो, लेकिन अब बाजार में एक सीमित रेंज में कारोबार होने की संभावना ज्यादा है। यानी अब वैसी चौतरफा रैली नहीं दिखेगी जहाँ हर शेयर भाग रहा हो।


अब बाजार के सामने सबसे बड़ा रिस्क क्या है?


एन जयकुमार का कहना है कि हमें बहुत ज्यादा उत्साहित होने के बजाय कुछ रिस्क फैक्टर्स पर भी नजर रखनी चाहिए। उनके अनुसार, बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें हैं। अगर कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ेगा।


यही कारण है कि वे आने वाले समय में सेंसेक्स और निफ्टी की तेजी को सीमित देख रहे हैं। उनका मानना है कि अब बाजार 'फंडामेंटल्स' के दौर में वापस जा रहा है। इसका मतलब है कि अब केवल वही कंपनियां और सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जिनके नतीजे और बिजनेस मॉडल मजबूत होंगे। जयकुमार के मुताबिक, नियर टर्म (शॉर्ट टर्म) में मार्केट के नए हाई (New High) बनाने की संभावना फिलहाल कम नजर आती है।


टेक सेक्टर से क्यों बनाई दूरी?


इन्वेस्टमेंट के लिहाज से जयकुमार ने एक सेक्टर से पूरी तरह दूर रहने या सावधान रहने की सलाह दी है, और वह है टेक सेक्टर (IT Sector)। उनके इस फैसले के पीछे 2 बड़े कारण हैं:


सुस्त ग्रोथ: आईटी कंपनियों की कमाई की रफ्तार अब पहले जैसी नहीं रही। ग्लोबल डिमांड में कमी के कारण इन कंपनियों की ग्रोथ धीमी हो रही है।


AI का प्रभाव: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से टेक जगत में बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव आ रहे हैं। कंपनियों को खुद को नए सिरे से ढालना पड़ रहा है, जिसमें समय और पैसा दोनों लगेगा।


जयकुमार का कहना है कि भले ही आज टेक कंपनियों के वैल्यूएशन काफी नीचे गिर चुके हैं, लेकिन अब निवेशक इन कंपनियों को केवल 'ग्रोथ' के नाम पर नहीं खरीद रहे। अब फोकस 'कैश फ्लो' पर है। इसलिए, फिलहाल इस सेक्टर में बड़े दांव लगाना जोखिम भरा हो सकता है।


किन 2 सेक्टर्स पर लगाया है दांव?


जहाँ जयकुमार ने टेक से दूरी बनाई है, वहीं उन्होंने दो ऐसे सेक्टर्स बताए हैं जहाँ कमाई की जबरदस्त गुंजाइश दिख रही है:


1. फार्मा सेक्टर (Pharma Sector):


जयकुमार फार्मा सेक्टर को लेकर काफी बुलिश (तेजी की उम्मीद) हैं। उनका मानना है कि खास तौर पर निर्यात (Export) करने वाली जेनेरिक फार्मा कंपनियां आने वाले समय में शानदार अर्निंग्स ग्रोथ दिखा सकती हैं। उनका अनुमान है कि भविष्य में सेंसेक्स और निफ्टी के इंडेक्स में फार्मा कंपनियों का वजन (Weightage) और बढ़ेगा। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश सोच रहे हैं, तो फार्मा एक अच्छा विकल्प हो सकता है।


2. मेटल सेक्टर (Metal Sector):


दूसरा सेक्टर जिसने जयकुमार का ध्यान खींचा है, वह है मेटल। वे स्टील और एलुमिनियम बनाने वाली कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं। उनके मुताबिक, वैश्विक स्तर पर मेटल की कीमतों में सुधार और कंपनियों की 'प्राइसिंग पावर' (कीमतें बढ़ाने की क्षमता) उन्हें फायदा पहुँचाएगी। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि कमोडिटी के ऊंचे दाम मांग को थोड़ा धीमा कर सकते हैं, लेकिन ऊंचे भाव की वजह से कंपनियों का रेवेन्यू बैलेंस रहेगा।


निवेशकों के लिए जयकुमार की खास सलाह


एन जयकुमार का संदेश साफ है: "बाजार की भीड़ के पीछे न भागें।" अब वह समय है जब आपको एक-एक कंपनी की बारीकी से जांच करनी होगी। इंडेक्स (Nifty/Sensex) ऊपर-नीचे होता रहेगा, लेकिन पैसा उन चुनिंदा कंपनियों में बनेगा जिनका कैश फ्लो अच्छा है और जो अपने सेक्टर की लीडर हैं।


अगर आप निवेशक हैं, तो आपको कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालातों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही चीजें अब बाजार की दिशा तय करेंगी।


शेयर बाजार की 7% की रिकवरी इस बात का संकेत है कि बुरा वक्त शायद पीछे छूट गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यहाँ से हर चीज आसान होगी। बाजार अब ‘सेलेक्टिव' हो गया है। फार्मा और मेटल्स जैसे सेक्टर्स में अवसर छिपे हैं, जबकि टेक सेक्टर में अभी भी धुंध छाई हुई है। निवेशकों को चाहिए कि वे इंडेक्स की तेजी को देखकर नहीं, बल्कि कंपनियों के फंडामेंटल्स को देखकर पैसा लगाएं।


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डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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