Indian IT Sector Jobs 2026: भारतीय IT सेक्टर में बड़ा बदलाव! जहाँ TCS और Wipro में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है, वहीं Infosys और Tech Mahindra ने Q4 में 10,433 कर्मचारी खो दिए। जानें पूरी रिपोर्ट।
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नई दिल्ली, 25 अप्रैलः भारतीय आईटी इंडस्ट्री के लिए वित्त वर्ष 2026 का अंत बड़े बदलावों के साथ हुआ है। जहाँ देश की टॉप 5 कंपनियों में से तीन दिग्गजों TCS, HCLTech और Wipro ने अपनी वर्कफोर्स में 3,293 कर्मचारियों का इजाफा किया है, वहीं Infosys और Tech Mahindra ने जनवरी-मार्च तिमाही में कुल 10,433 कर्मचारी खो दिए हैं। Nasscom की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी टेक इंडस्ट्री में हायरिंग की रफ्तार अब लगभग स्थिर हो गई है, जहाँ इस साल मात्र 2,000 नई नेट नौकरियां ही जुड़ी हैं। कंपनियां अब खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य के लिए तैयार कर रही हैं, जिसके चलते बिजनेस ऑपरेशन्स में फेरबदल हो रहा है। हालांकि, नए साल के लिए TCS और Infosys ने कुल 45,000 फ्रेशर्स को हायर करने का लक्ष्य रखा है, जो युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है। पूरी खबर और कंपनी-वार डेटा के लिए लेख पढ़ें।
भारत की दिग्गज आईटी (IT) कंपनियों के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। एक तरफ जहाँ कुछ कंपनियां अपनी वर्कफोर्स को बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही हैं। जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही (Q4) के आंकड़े सामने आ चुके हैं और ये आंकड़े भारतीय टेक इंडस्ट्री की एक मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं।
देश की टॉप 5 आईटी कंपनियों में से 2 कंपनियों, यानी इंफोसिस और टेक महिंद्रा ने इस तिमाही में कुल मिलाकर 10,433 कर्मचारी खो दिए हैं। वहीं, बाकी 3 दिग्गज कंपनियों TCS, HCLTech और विप्रो ने अपनी टीम में 3,293 नए लोगों को जोड़ा है। आखिर आईटी सेक्टर में यह उथल-पुथल क्यों मची है और आने वाला साल नौकरियों के लिहाज से कैसा होगा? आइए विस्तार से समझते हैं।
TCS, HCLTech और Wipro: कहाँ बढ़ीं नौकरियां?
जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), HCLTech और विप्रो ने सकारात्मक रुख दिखाया है। इन कंपनियों ने अपनी वर्कफोर्स में इजाफा दर्ज किया है।
TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज): टीसीएस ने इस तिमाही में अपनी वर्कफोर्स में 2,356 कर्मचारियों की बढ़ोतरी की है। मार्च 2026 के अंत तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,84,519 पहुंच गई। हालांकि, अगर हम पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें, तो कंपनी की कुल वर्कफोर्स में 23,000 की कमी आई है, जिसमें से 12,000 लोगों को निकालने का फैसला कंपनी ने इसी साल लिया था।
HCLTech: एचसीएल टेक की टीम में भी 802 नए सदस्य जुड़े हैं, जिससे मार्च के अंत तक इनकी कुल संख्या 2,27,181 हो गई है।
Wipro: विप्रो में मामूली बढ़त देखी गई। कंपनी ने तिमाही आधार पर 135 नए कर्मचारी जोड़े और अब इनके पास कुल 2,42,156 कर्मचारी हैं।
Infosys और Tech Mahindra: यहाँ क्यों कम हुए कर्मचारी?
जहाँ 3 कंपनियों ने रिकवरी के संकेत दिए, वहीं इंफोसिस और टेक महिंद्रा के आंकड़े चौंकाने वाले रहे।
Infosys: इंफोसिस ने इस तिमाही में सबसे बड़ी गिरावट देखी। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 8,440 की कमी आई। हालांकि, सालाना आधार पर देखें तो अभी भी कंपनी के पास पिछले साल के मुकाबले 5,000 कर्मचारी ज्यादा हैं। मार्च 2026 के अंत तक इंफोसिस की कुल वर्कफोर्स 3,28,594 थी।
Tech Mahindra: टेक महिंद्रा ने भी इस तिमाही में 1,993 कर्मचारी कम किए हैं। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की वर्कफोर्स में 1,108 लोगों की कमी आई है। मार्च के अंत तक इनके कुल कर्मचारियों की संख्या 1,47,623 रह गई है।
क्या कहता है Nasscom का डेटा?
नैसकॉम (Nasscom) की ताजा सालाना रणनीतिक समीक्षा भारतीय टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की एक सुस्त तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत की टेक इंडस्ट्री ने पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 2,000 नई नेट नौकरियां ही जोड़ीं।
कुल मिलाकर लगभग 1.35 लाख कर्मचारियों को जोड़ा गया, जो वित्त वर्ष 2025 के 1.33 लाख के मुकाबले लगभग बराबर ही है। इससे साफ पता चलता है कि आईटी सेक्टर में हायरिंग की रफ्तार काफी हद तक थम गई है। हालांकि, कुल कर्मचारियों की संख्या अब बढ़कर 59.5 लाख हो गई है, जो पिछले साल 58.2 लाख थी। यह सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत की वृद्धि है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर
आईटी कंपनियों में आ रहे इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह AI को माना जा रहा है। कंपनियां अब अपने बिजनेस ऑपरेशन्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लक्ष्यों के हिसाब से फिर से व्यवस्थित कर रही हैं। ऑटोमेशन और एआई के आने से कई पुराने जॉब रोल्स खत्म हो रहे हैं, जबकि नए कौशल (Skills) की मांग बढ़ रही है। कंपनियां अब 'Quantity' के बजाय ‘Quality' और ‘Specialization' पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
भविष्य की योजना: फ्रेशर्स के लिए क्या है खास?
भले ही पिछले साल हायरिंग सुस्त रही हो, लेकिन आने वाले साल (FY 2026-27) के लिए कंपनियों ने बड़े लक्ष्य रखे हैं:
TCS: कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए 25,000 फ्रेशर्स को नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। मांग बढ़ने पर इस संख्या को और बढ़ाया जा सकता है।
Infosys: इंफोसिस की योजना वित्त वर्ष 2027 में लगभग 20,000 नए लोगों को जोड़ने की है।
HCLTech, Wipro और Tech Mahindra: इन कंपनियों ने अभी कोई निश्चित संख्या नहीं बताई है। इनका कहना है कि जैसे-जैसे साल आगे बढ़ेगा और प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी, वे हायरिंग पर फैसला लेंगे।
भारतीय आईटी सेक्टर इस वक्त एक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ आर्थिक अनिश्चितता और दूसरी तरफ एआई का बढ़ता प्रभाव, दोनों ने मिलकर कंपनियों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि, TCS और Infosys जैसी कंपनियों द्वारा फ्रेशर्स की भर्ती के लक्ष्य बताते हैं कि भविष्य में फिर से तेजी आने की उम्मीद है।
