DA Hike 2026: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को लेकर 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। अप्रैल का आधा महीना बीतने के बाद भी सरकार ने घोषणा नहीं की है। आखिर इस देरी की असली वजह क्या है और कर्मचारियों की सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा? पढ़ें विस्तार से।
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| DA Hike 2026 |
नई दिल्ली, 17 अप्रैलः केंद्रीय कर्मचारियों के लिए साल 2026 की शुरुआत थोड़ी उलझनों भरी रही है। अमूमन मार्च के अंत तक होली के आसपास मिलने वाली खुशखबरी इस बार अप्रैल का आधा महीना बीत जाने के बाद भी गायब है। देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स इस बात से हैरान हैं कि आखिर इस बार सरकार ने चुप्पी क्यों साध रखी है। अगर हम पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड उठाकर देखें, तो यह पहली बार है जब DA (महंगाई भत्ता) के एलान में इतनी लंबी देरी हुई है।
10 साल का रिकॉर्ड टूटा, कर्मचारियों में बढ़ी बेचैनी
आमतौर पर केंद्र सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का एलान करती है। जनवरी वाली बढ़ोतरी का एलान मार्च के महीने में होली के त्यौहार के आस-पास कर दिया जाता है। लेकिन इस साल अप्रैल की 15 तारीख बीतने के बाद भी वित्त मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
इस देरी ने कर्मचारी संगठनों को चिंता में डाल दिया है। नेशनल काउंसिल–जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है। संगठन का कहना है कि इस देरी से 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा पेंशनर्स के बीच असंतोष की भावना पैदा हो रही है।
देशभर में प्रदर्शन और विरोध की गूंज
सरकार की इस खामोशी के खिलाफ कर्मचारी संगठनों ने अब मोर्चा खोल दिया है। 'Confederation of Central Government Employees & Workers' ने इसी कड़ी में 16 अप्रैल को देशभर के सरकारी दफ्तरों के बाहर 'लंच-ऑवर प्रोटेस्ट' (दोपहर के भोजन के समय विरोध प्रदर्शन) आयोजित किया। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द DA बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी करे ताकि उन्हें बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके।
कितना बढ़ सकता है आपका DA?
अभी केंद्रीय कर्मचारियों को 58% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। DA में बढ़ोतरी का फैसला 'All India Consumer Price Index' (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर लिया जाता है। श्रम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार DA में करीब 2% की बढ़ोतरी की पूरी संभावना है।
- मौजूदा DA दर: 58%
- अनुमानित बढ़ोतरी: 2%
- नई DA दर: 60% (संभावित)
यही गणित पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) पर भी लागू होगा। यानी उनकी मासिक पेंशन में भी 2% की वृद्धि देखने को मिलेगी।
आखिर देरी की असली वजह क्या है?
अक्सर लोग यह कयास लगाने लगते हैं कि क्या सरकार कोई बड़ा नीतिगत बदलाव करने जा रही है? लेकिन जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे कोई नकारात्मक कारण नहीं है।
प्रशासनिक प्रक्रिया: DA फाइल को कई विभागों से गुजरना पड़ता है। वित्त मंत्रालय के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत होती है। कभी-कभी प्रशासनिक व्यस्तता या तकनीकी वजहों से फाइल क्लियर होने में समय लग जाता है।
मंजूरी के चरण: इस बार रिव्यू और अप्रूवल की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त चरणों की वजह से समय ज्यादा लग रहा है।
कोई नीतिगत बदलाव नहीं: एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि DA एक तय फॉर्मूले के तहत मिलता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की कटौती या इसे रोकने की कोई योजना नहीं है।
पिछले 10 सालों का DA ट्रैक रिकॉर्ड
नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि पिछले एक दशक में सरकार ने कब-कब और कितना DA बढ़ाया है। इस डेटा को देखकर स्पष्ट हो जाता है कि 2026 की यह देरी वाकई असाधारण है।
| DA बढ़ाने की तारीख | डीए दर (% में) | डीए बढ़ोतरी (% में) |
|---|---|---|
| 6 अक्टूबर 2025 | 58% | 3% |
| 2 अप्रैल 2025 | 55% | 2% |
| 21 अक्टूबर 2024 | 53% | 3% |
| 12 मार्च 2024 | 50% | 4% |
| 20 अक्टूबर 2023 | 46% | 4% |
| 3 अप्रैल 2023 | 42% | 4% |
| 3 अक्टूबर 2022 | 38% | 4% |
| 31 मार्च 2022 | 34% | 3% |
| 25 अक्टूबर 2021 | 31% | 3% |
| 20 जुलाई 2021 | 28% | 11% (कोविड के बाद) |
| 23 अप्रैल 2020 | 17% | (फ्रीज किया गया था) |
| 14 अक्टूबर 2019 | 17% | 5% |
| 27 फरवरी 2019 | 12% | 3% |
| 7 सितंबर 2018 | 9% | 2% |
| 15 मार्च 2018 | 7% | 2% |
| 20 सितंबर 2017 | 5% | 1% |
| 30 मार्च 2017 | 4% | 2% |
| 4 नवंबर 2016 | 2% | 0% |
| 7 अप्रैल 2016 | 125% | 6% |
कर्मचारियों को नहीं होगा कोई वित्तीय नुकसान
देरी से परेशान कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि उन्हें आर्थिक रूप से कोई नुकसान नहीं होगा। नियम के अनुसार, जनवरी से लागू होने वाला DA जब भी घोषित होगा, वह 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।
इसका मतलब यह है कि अगर सरकार मई में भी एलान करती है, तो कर्मचारियों को जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने का बकाया (Arrear) एकमुश्त दिया जाएगा। आपकी सैलरी में यह बढ़ोतरी एरियर के साथ जुड़कर आएगी, जिससे एक साथ मोटी रकम हाथ में आने की उम्मीद है।
यद्यपि 10 साल में पहली बार इतनी देरी हुई है, लेकिन यह केवल एक प्रक्रियात्मक विलंब है। केंद्रीय कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनकी बढ़ोतरी सुरक्षित है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ ही दिनों में कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है और लाखों परिवारों का इंतजार खत्म हो सकता है।


